उत्तर प्रदेशलखनऊ

Toll Tax: 1 अप्रैल से नहीं हुआ बदलाव, हाईवे पर पुरानी दरों पर ही लिया गया टोल टैक्स

एनएचएआई ने पहली अप्रैल से टोल टैक्स की नई दरें लागू करने पर रोक लगा दी है, लेकिन 31 मार्च देर रात तक टोल प्रबंधनों को इसके निर्देशों का इंतजार था। इस बार पांच से लेकर 45 रुपये तक की वृद्धि प्रस्तावित थी।

हाईवे पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों की जेब पर बोझ नहीं बढ़ेगा, उन्हें पुरानी दरों से ही टोल टैक्स अदा करना होगा। 31 मार्च देर रात 12 बजे के बाद अलीगढ़-गाजियाबाद एक्सप्रेस वे के गभाना टोल प्लाजा, अकराबाद एवं अलीगढ़-आगरा रोड पर स्थित मडराक टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों से पुरानी दरों पर टोल टैक्स वसूला गया।

एनएचएआई ने पहली अप्रैल से टोल टैक्स की नई दरें लागू करने पर रोक लगा दी है, लेकिन 31 मार्च देर रात तक टोल प्रबंधनों को इसके निर्देशों का इंतजार था। इस बार पांच से लेकर 45 रुपये तक की वृद्धि प्रस्तावित थी। नई दरों से संबंधित सूची को चस्पा कर दिया गया था। नई दरों को लागू करने अथवा पुरानी से ही टैक्स वसूलने को लेकर देर रात तक असमंजस की स्थिति बनी रही।

 

 

गभाना टोल मैनेजर इंद्रजीत चौधरी के अनुसार नई दरें प्रभावी नहीं हुई है। एनएचएआई से स्पष्ट निर्देशों का इंतजार है, इसलिए पुरानी दरों पर टोल वसूला जा रहा है। मडराक टोल प्लाजा के मैनेजर प्रमोद यादव एवं अकराबाद टोल के मैनेजर अनुराग चौहान ने बताया कि नई दरों को लागू नहीं किया गया है। पुरानी दरों से ही टैक्स लिया जा रहा है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रमोद कौशिक ने बताया कि अभी तक टोल की नई दरें लागू करने अथवा स्थगित करने के स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं, जैसा आदेश मिलेगा उसका पालन कराया जाएगा।

  • रोजाना गुजरने वाले वाहन
  • अकराबाद टोल- 11 से 12 हजार वाहन
  • मडराक टोल- 13 से 14 हजार वाहन
  • गभाना टोल- 15 से 16 हजार वाहन

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