उत्तर प्रदेशलखनऊ

Gorakhpur News: अनुबंध के खेल की जांच करेगी पुलिस, केस दर्ज कर भेजेगी जेल

Alisba

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि पुलिस अनुबंधित लिखकर शहर में आने वाली बसों की जांच करेगी। आईटीएमएस के कैमरों की मदद से संदिग्ध अनुबंधित बसों के नंबर प्लेट की फोटो लेकर इसे जांच के लिए रोडवेज को भेजा जाएगा।

प्राइवेट बसों पर अनुबंधित लिखकर शहर में प्रवेश करने की अब पुलिस जांच करेगी। इस पूरे खेल के पीछे काम कर रहे गिरोह के जांच का आदेश एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने जारी किया है। पुलिस संदिग्ध बसों के नंबरों को आईटीएमएस के लगे कैमरों से हासिल कर रोडवेज में जांच के लिए भेजेगी। फर्जी तरीके से अनुबंध लिखा मिला तो पुलिस जालसाजी का केस दर्ज कर आरोपी बस चालक को जेल भी भेजेगी।

जानकारी के मुताबिक, शहर में जाम से निपटने के लिए पुलिस ने प्राइवेट बसों को बाहर कर दिया। इसके लिए बस स्टेशन भी बना दिया गया है। पुलिस ने इसका सख्ती से पालन किया तो जाम से भी राहत मिल गई, लेकिन अचानक प्राइवेट बसों की इंट्री शहर में होने लगी।

 

इसके पीछे की वजह जांची गई तो पता चला है कि कुछ बस वाले अनुबंधित बस सेवा लिखकर शहर में प्रवेश कर रहे हैं। जबकि, वास्तव में जिस बस का अनुबंध होता है, उसमें वैधता तिथि भी लिखी होती है और इस तरह से फर्जी तरीके से लिखने वालों पर तिथि अंकित नहीं होती है।

मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने जांच का आदेश जारी कर दिया है। पुलिस ऐसे अनुबंधित बसों को चिह्नित करेगी और फिर संदिग्ध बसों का नंबर प्लेट का फोटो सीसीटीवी कैमरों से हासिल कर उसे जांच करके लिए एआरएम रोडवेज को भेजा जाएगा।

 

रोडवेज संदिग्ध बस के नंबरों की जांच कर बताएगी कि कौन सा अनुबंधित है और कौन सा अनुबंधित नहीं है। फिर पुलिस बिना अनुबंध के फर्जी तरीके से अनुबंधित लिखकर शहर में आने वाली बसों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी।

 

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि पुलिस अनुबंधित लिखकर शहर में आने वाली बसों की जांच करेगी। आईटीएमएस के कैमरों की मदद से संदिग्ध अनुबंधित बसों के नंबर प्लेट की फोटो लेकर इसे जांच के लिए रोडवेज को भेजा जाएगा। फर्जी तरीके से अनुबंधित लिखकर कोई बस मिली तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

 

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