छत्तीसगढ़राज्य

मौसम बिगड़ने से किसानों की बढ़ी चिंता, धान की गुणवत्ता खराब होने की आशंका

कोंडागांव.

धान की कटाई का वक्त किसानों के लिए कमाई का होता है, लेकिन इस बार बारिश ने इसी समय उनकी चिंता बढ़ा दी है. चक्रवाती तूफान अर्णव के गुजरने के बाद कोंडागांव जिले के खेतों में नुकसान की तस्वीरें सामने आने लगी हैं.

कई इलाकों में पककर तैयार धान की बालियां लगातार बारिश और नमी के कारण कमजोर होकर झड़ने लगी हैं. खेतों में पानी भरने से धान के दानों के अंकुरित होने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है. सब्जी उत्पादक किसानों के सामने भी फसल सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है. 87 वर्षीय किसान देवमुनी सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कटाई के समय ऐसा मंजर पहली बार देखा है. जिले में 55 हजार से अधिक किसान पंजीकृत हैं और करीब 52 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है. ऐसे में मौसम की मार का असर हजारों परिवारों की आजीविका पर पड़ सकता है.

एसडीएम किशोर शर्मा ने बताया कि सभी तहसीलदारों को फसल, मकान और अन्य नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं. तूफान की चेतावनी के दौरान मर्दापाल और कोपाबेड़ा के डुबान क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया गया था. अब किसानों को इंतजार है कि सर्वे में उनका वास्तविक नुकसान दर्ज हो और शासन से समय पर राहत मिल सके.

Related Articles

Back to top button