उत्तर प्रदेशलखनऊ

UP: गोरखपुर में खुलेगा पूर्वांचल का पहला पशु चिकित्सा महाविद्यालय, नेपाल-बिहार के पशुपालकों को भी होगा फायदा

गोरखपुर में बनने वाला पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा से संबद्ध होगा. इसके बन जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के पशुपालकों को भी काफी फायदा होगा.

Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) आगामी तीन मार्च को गोरखपुर के ताल नदोर में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की आधारशिला रखेंगे. इसे भविष्य में विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड कर दिया जाएगा. गोरखपुर में बनने वाला पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा से संबद्ध होगा. इसके बन जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के पशुपालकों को भी काफी फायदा होगा. इस महाविद्यालय को क्रमवार तीन चरणों में विकसित किया जाएगा.

 

महाविद्यालय में हाईटेक होंगी सुविधाएं

इसके लिए गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर स्थित ताल नदोर में 80 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है. पहले चरण के निर्माण पर 228 करोड़ रुपये की लागत आएगी. कार्यदायी संस्था के रूप में लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार दी गई है. महाविद्यालय के परिसर में हॉस्पिटल ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, छात्रावास जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ पशु चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी विभिन्न विधाओं के शोध अध्ययन केंद्रों की स्थापना की जाएगी. महाविद्यालय परिसर को ‘नेट जीरो एनर्जी’ की अवधारणा पर विकसित किया जाएगा. प्रारंभिक चरण में यहां स्नातक स्तर पर 100 छात्रों के प्रवेश की व्यवस्था होगी.

सीएम योगी 1007 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात 

इसके एक दिन पहले दो मार्च को सीएम योगी महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित कार्यक्रम में जिले को 1007 करोड़ रुपये की 49 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे. इनमें करीब 954 करोड़ रुपये से अधिक की 35 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 53 करोड़ रुपये से अधिक की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है. लोकार्पण और शिलान्यास की परियोजनाओं में बाढ़ बचाव, फ्लाई ओवर, सड़क एवं नाली निर्माण, कलेक्ट्रेट परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में आवासीय एवं अनावासीय भवनों का निर्माण, एमईएस ऑफिस की शिफ्टिंग,पर्यटन विकास के कार्य सम्मिलित हैं.

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