उत्तर प्रदेशलखनऊ

मॉल के मलबे में मिला Time Capsule, लिखा था- इसे साल 2033 में…

दक्षिण कैरोलिना के फॉरेस्ट एकर्स में रिचलैंड मॉल के मलबे के बीच मजदूरों को जो मिला वह हैरान करने वाला था. दरअसल, ये एक टाइम कैप्सूल था जिसपर कुछ लिखा हुआ था.

अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना के फॉरेस्ट एकर्स में रिचलैंड मॉल के मलबे के बीच एक ऐतिहासिक कलाकृति का पता चला है. साइट पर काम कर रहे डिमोलीशन क्रू ने साल 24 साल पहले मॉल के भव्य उद्घाटन के दौरान दफनाए गए एक टाइम कैप्सूल की खोज की.

 

शहर के अधिकारियों ने पुष्टि की कि कैप्सूल के शिलालेख में इसे निकालने की तारीख 20 जनवरी, 2033 लिखी है. कैप्सूल अतीत की एक झलक पेश करता है, जिसमें संभावित रूप से साल 2000 के पॉप कल्चर आइटम, न्यूज क्लिपिंग या यहां तक ​​​​कि व्यक्तिगत संदेश भी शामिल हैं. रिचलैंड मॉल ने सितंबर 2023 में अपना आखिरी बचा हुआ स्टोर बंद कर दिया था.विकास के लिए रास्ता बनाने के लिए इसे अब तोड़ा गया है. योजनाओं में रिटेल स्पेस, एक शराब की भठ्ठी और एक नया पार्क शामिल है.

 

फ़ॉरेस्ट एकर्स सिटी काउंसिलमैन स्टीफन ओलिवर ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि टाइम कैप्सूल को पूरा होने पर उसे नए पार्क में फिर से दफनाया जाएगा. जिससे भविष्य के लोगों को 21वीं सदी की शुरुआत की एक झलक मिलेगी. तब तक ये जमीन के भीतर ही रहेगी.

बता दें कि टाइम कैप्सूल मूल रूप से वस्तुओं और सूचनाओं से भरा एक कंटेनर होता है जो एक खास समय को दिखाता है. लोग इसे इस इरादे से दफनाते हैं या कहीं रख देते हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे खोज सकें. यह शिलालेक के अलावा एक बोतल में एक संदेश की तरह जमीन के नीचे दबा हो सकती है.

 

टाइम कैप्सूल के अंदर की चीजें कुछ भी हो सकती हैं जो उस समय की संस्कृति, तकनीक या उस समय की रोजमर्रा की जिंदगी को दर्शाती हैं जब इसे बनाया गया था. इसमें अखबार, पत्रिकाएं, तस्वीरें, वीडियो, कपड़े, खिलौने, पत्र , डायरियाँ, मुद्रा जैसे चीजें शामिल हो सकती हैं. टाइम कैप्सूल को अक्सर विशेष आयोजनों के दौरान दफनाया जाता है, जैसे विश्व मेला या किसी नई इमारत के नीचे.

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