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नशे के खिलाफ पंजाब की नई पहल, ‘एंटी-ड्रग कोर्स’ में बच्चों को दी जा रही ट्रेनिंग

चंडीगढ़.

पंजाब के स्कूलों में विद्यार्थियों को अब नशे से दूर रहने की नसीहत सिर्फ भाषणों के जरिए नहीं दी जा रही। उन्हें उन लोगों की असली कहानी दिखाई जा रही है, जिन्होंने नशे की शुरुआत की, धीरे-धीरे उसकी लत में फंसे और फिर उससे बाहर निकलने के लिए संघर्ष किया।

इन कहानियों से विद्यार्थियों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि नशा किसी एक दिन में जिंदगी नहीं बदलता, बल्कि छोटी शुरुआत से धीरे-धीरे व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि लत लगने के बाद उससे बाहर निकलना केवल इच्छाशक्ति का मामला नहीं होता, बल्कि इसके लिए उपचार और विशेषज्ञ मदद की जरूरत पड़ सकती है।

शिक्षा विभाग ने इसी सोच के साथ कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 14 सप्ताह का विशेष नशा विरोधी पाठ्यक्रम तैयार किया है। राज्य के करीब 3600 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के 7.5 लाख से अधिक विद्यार्थी इसके दायरे में आएंगे। जे-पाल से जुड़े सहयोगी संस्थानों के साथ तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभवों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।

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