बिहारराज्य

बिजली बिल से मिलेगी राहत! बांका के गांवों में पीएम सूर्य घर योजना का लाभ पहुंचाने की तैयारी

 बांका
 पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को महंगे बिजली बिलों से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को धरातल पर उतारने के लिए बांका जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

जिले के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में अधिकाधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ने के लिए विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जिले के बाराहाट और कटोरिया प्रखंडों में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के विक्रेताओं और कर्मियों को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डीलरों को पहले स्वयं जागरूक कर उनकी छतों पर सोलर पैनल लगवाना है, ताकि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्रों के आम उपभोक्ताओं के लिए रोल मॉडल और प्रेरक बन सकें।

कटोरिया में डीएम के निर्देश पर हुई कार्यशाला, एमओ ने गिनाए लाभ
कटोरिया में बांका जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश के आलोक में प्रखंड मुख्यालय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) दिग्विजय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में उचित मूल्य दुकानदार (राशन डीलर) उपस्थित रहे।

बैठक में बिजली विभाग और आपूर्ति विभाग के पदाधिकारियों ने योजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर अपनी दैनिक बिजली की जरूरतों को पूरी तरह नि:शुल्क या बेहद कम खर्च में पूरा किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर केंद्र सरकार द्वारा बैंक खातों में सीधे भारी सब्सिडी दी जा रही है। अधिकारियों ने डीलरों से अपील की कि वे अपने वार्डों व गांवों में उपभोक्ताओं को जागरूक करें।

डीलरों और कर्मियों ने मौके पर किया आवेदन
जागरूकता सत्र के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली से जहां एक ओर ग्रिड पर बिजली का दबाव घटेगा, वहीं दूसरी ओर कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और घरों का मासिक बजट सुधरेगा।

अभियान के सकारात्मक प्रभाव के रूप में दोनों प्रखंडों में कई जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं तथा प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों ने योजना का लाभ उठाने के लिए तुरंत सहमति जताई और ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आवेदन दर्ज कराए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में अन्य प्रखंडों में भी इसी तर्ज पर कैंप लगाकर आवेदनों की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता और सही वजन के निर्देश
कार्यशाला के दूसरे सत्र में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न आवंटन और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सभी डीलरों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने केंद्रों पर पात्र कार्डधारियों को निर्धारित मात्रा और सटीक वजन के अनुसार ही राशन उपलब्ध कराएं।

वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही, कालाबाजारी या घटतौली की शिकायत मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। विक्रेताओं ने भी अपनी स्थानीय समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिसके त्वरित निष्पादन का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने दोहराया कि नियमित बैठकों के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और पारदर्शी वितरण तंत्र को और मजबूत किया जाता रहेगा।

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